भारत एवं नेपाल के सुदूर क्षेत्रों से गुजरती हुई परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी की अहिंसा यात्रा अब हैदराबाद की ओर प्रवर्धमान है। इस दौरान गुरु सन्निधि में रहकर उनकी सेवा और गोचरी की विधि एवं महत्व को हम समझ सकें, इस उद्देश्य से रास्ते की सेवा के अंतर्गत "भावना चौके " का क्रम प्रारम्भ किया गया। रास्ते की सेवा करना उत्कृष्ट निर्जरा का हेतु है। अतः सभी शाखा मंडलों से निवेदन सेवा के इस महायज्ञ से जुड़ें और गुरु सन्निधि का लाभ उठायें। विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क करें:
  • श्रीमती सरला श्रीमाल M: 9916119997
  • श्रीमती पुष्पा बोकाड़िया M: 9312223397
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